08 जनवरी 2018 गिरिडीह, झारखंड (M)
वह पानी में तैर रहा था, उस दुनिया से बेजार होकर, जो उसके वहां होने का कारण थी। न जाने किसने उसे मारकर वहां फेंक दिया था। गर्भनाल ही नहीं, बल्कि एक कास्ट्यूम भी उससे लिपटा था, जो संभवतः उसकी मां का रहा होगा। इसी बात से इस अंदेशे को बल मिला कि उसे शायद उसकी मां ने ही वहां फेंका होगा। घटना गिरिडीह के जमुआ प्रखंड के चुंगलो गांव के नवा अहरा में घटी। पत्रकार श्री अमर कुमार के मुताबिक, एक नवजात लड़के को तड़के पांच बजे पानी में देखा गया तो जल्द ही ये सूचना आस-पास फैल गई। पानी से फूलकर बच्चे का शव ऊपर आ गया था और तैर रहा था। तभी कुछ ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी। जमुआ थाने के चौकीदार को बुलाकर उस बच्चे को निकलवाया गया। बच्चे की स्थिति देखकर ये साफ पता चलता है कि उसे मारकर वहां फेंका गया था। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों की भी यही राय थी। बच्चे की स्थिति इतनी खराब थी कि उसे देखना भी मुश्किल था। इसके बावजूद पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया। इस पर हैरत जताई जाए या गुस्सा कि अपनों की बेरुखी के शिकार इन बच्चों को प्रशासन से भी कोई राहत नहीं मिलती। दोषी खुलेआम घूमते रहते हैं, जिसका नतीजा ये है कि एक के बाद एक घटनाएं होती चली जाती हैं, नवजात मरते जाते हैं और कोई उनका नोटिस तक नहीं लेता। पा-लो ना की तरफ से हम इसका प्रतिकार करते हैं। और ये मांग करते हैं कि शिशु हत्या के मामलों का त्वरित संघान लेते हुए उपयुक्त धाराओं में केस दर्ज किए जाएं।
