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Latest News On Infanticide

दुश्मन को हराने वाला अपनी ही सोच से हारा फूल सी बेटी को पानी में डुबोकर मार डाला...

16 नवंबर 2017
चुरू, राजस्थान (F)

सेना में जाने के लिए हिम्मत और हौंसले की जरूरत होती है। ये उम्मीद की जाती है कि इसी हिम्मत और हौंसले की बदौलत वह अपने दुश्मन के दांत खट्टे कर देगा। लेकिन अगर उसमें इतनी भी हिम्मत न हो कि वह अपनी गलत सोच को ही हरा सके, तो उसका अंजाम वही होता है, जो अशोक का हुआ, जो अपनी फूल सी बेटी को पानी के बालटी में तब तक डुबोता रहा, जब तक वह मर नहीं गई। इस कुकृत्य में उसका साथ दिया, उसके पिता शीशराम ज्याणी ने। मामला राजस्थान के चुरु जिले के तारानगर तहसील के गांव घासला अगुणा का है। अशोक जाट की पत्नी प्रियंका ज्याणी ने 14 नवंबर को सादुलपुर के निजी अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया। उन दोनों के पहले भी 14 माह की एक बेटी थी। दूसरी बेटी का प्यारा सा मुखड़ा देखकर जहां मां फूली नहीं समा रही थी, वहीं अशोक एकदम मुरझा गया। पहले तो उसने प्रियंका को दूसरी बेटी को जन्म देने के कारण काफी भला-बुरा कहा। बच्चियों का पालन-पोषण में समर्थ नहीं होने और पुराने लोन की बात कहकर मायके से 10 लाख रुपये लाने की बात कही। प्रियंका ने उसे समझाया भी कि वह बीएड है और उसे जल्दी ही नौकरी मिल जाएगी, मगर अशोक कुछ समझने के लिए तैयार ही नहीं था। गुरुवार 16 नवंबर तड़के वह प्रियंका के कमरे में गया और सोती हुई बेटी को वहां से उठाकर बाहर बरामदे में ले गया, जहां पानी से भरी बालटी रखी थी। उसने उस नन्ही सी जान को तब तक पानी में डुबोया, जब तक कि उसकी मौत नहीं हो गई। जब प्रियंका उसे बचाने के लिए भागने लगी तो अशोक के पिता शीशराम ज्याणी ने उसे पकड़ लिया। बेटी को मारने के बाद उन्होंने प्रियंका को धमकाया कि इसके बारे में किसी को कुछ नहीं बताए और मुक्तिधाम में चुपचाप बच्ची को दफना आए। प्रियंका के मायके से फोन आया तो अशोक के डर की वजह से प्रियंका ने उन्हें यही बताया कि निमोनिया से बच्ची की मौत हो गई है। मगर न जाने कैसे, उन्हें प्रियंका के दर्द का अहसास हो गया और फिर प्रियंका के मामा की बदौलत वह पीहर पहुंची और वहां से थाना। थाने में गुरुवार शाम में ही रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एसएचओ रामचंद्र करवा ने एसडीएम इंद्राज सिंह की मौजूदगी में शुक्रवार को नवजात के शव को मुक्तिधाम से निकलवाया और बच्ची के ननिहाल की अपील पर चुरू के राजकीय डीवी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड स े उसका पोस्टमार्ट करवाया। इस टीम में डॉ सुनील शर्मा और गोविंद ववेरवाल थे। फिलहाल अशोक पुलिस की हिरासत में है और प्रियंका अपने पिता सुभाष चंद्र जाट, निवासी जयपुरिया खालसा, राजगढ़ के पास है।

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