04 नवंबर 2017 भागलपुर, बिहार (F)
बिहार से शिशु परित्याग का बड़ा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बिहार के भागलपुर में एक परित्यक्त बच्ची अस्पताल में भर्ती होने के बाद अचानक से गायब हो गई. मामले के तूल पकड़ने के बाद ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और अपनी गलती मानी. शनिवार सुबह तिलकामांझी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भागलपुर हवाई अड्डे के करीब सुनसान जगह पर एक नवजात बच्ची लावारिस अवस्था में दो लड़कियों को मिली. प्राप्त सूचना अनुसार लड़कियां रोज़ की तरह ट्यूशन के लिए जा रही थी. इसी क्रम में दोनों लड़कियों को यह नवजात बिलखती हुई झाड़ियों में मिली. उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवा दिया. अस्पताल में वह मासूम बच्ची डॉक्टर रेणु भारती की देख-रेख में थी. डॉक्टर रेणु भारती के अनुसार खुले में काफी देर पड़े रहने के कारण बच्ची को निमोनिया हो गया था. परन्तु उन्होंने लड़कियों को इस बात के लिए आश्वस्त किया की मासूम किसी भी प्रकार के जानलेवा खतरे से बाहर है. शिशु परित्याग का यह पूरा मामला तब उलझ गया, जब शाम को अचानक बच्ची अपने इनक्यूबेटर से गायब हो गई. अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में मौजूद नर्स और सिक्योरिटी गार्ड के अनुसार दोपहर 2 से 3 बजे के बीच 2-3 लोग एक महिला के साथ आए और नवजात को मृत बता कर अपने साथ ले गए. नर्स और सिक्योरिटी गार्ड ने अनुमान लगाया कि शायद यह उनकी ही बच्ची हो, इसीलिए उन्होंने किसी को रोका नहीं. मामले के तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रशासन ने किसी भी परित्यक्त बच्ची के मिलने की खबर को ही झुठला दिया. पर उनका झूठ पकड़ लिया गया, क्योंकि बच्ची के हॉस्पिटल में एडमिट होने के बाद दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने वहां जाकर बच्ची का फोटो ले लिया था। स्थानीय पत्रकार और प्रशासन के दबाव में अस्पताल प्रशासन को भी संदिग्ध परिस्थितियों में बच्ची के गायब होने की बात कबूल करनी पड़ी. अब सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद ही इस रहस्य पर से पर्दा उठ सकेगा कि आखिर बच्ची गई कहाँ और कौन उसे ले गया। टीम पालोना बच्ची की सकुशल बरामदगी की दुआ करती है
