19 नवंबर 2018
चतरा, झारखंड (U)
कुत्ते उसके नन्हे शव को नोंच रहे थे, जब ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी। बहुत देर हो चुकी थी। शायद उसे जीवितावस्था में ही खेतों में छोड़ दिया गया था और वह कुत्तों का निवाला बन गया। घटना चतरा के पत्थलगड़ा स्थित गुंजरी गेट के समीप की है। स्थानीय पत्रकार ने पा-लो ना को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि गुंजरी गेट के पास मौजूद एक खेत में कोई एक नवजात शिशु को छोड़ गया था। यह कहना मुश्किल है कि शिशु को जीवित अवस्था में छोड़ा गया था या उसकी मौत के बाद। जब लोगों की निगाह उस पर पड़ी, यह एक मृत शिशु था। जल्दी ही ये खबर चारों तरफ फैलगई और वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। किसी तरह से कुत्तों को भगाकर नवजात शिशु के शव को वहीं पास में दफना दिया गया। इस तरह दुनिया को ठीक से पता चले बिना ही एक बच्चा यहां से रुख्सत भी हो गया और आगे कोई इसका नामलेवा भी नहीं रहेगा। पा-लो ना ने इस घटना की सूचना राज्य के साथ ही राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को भी दे दी है। इसके पीछे वजह ये है कि आयोग इन घटनाओं का संज्ञान ले और इन मामलों में एफआईआर दर्ज करने संबंधी निर्देश जारी करे, ताकि इन पर रोक लगने की दिशा में सार्थक कार्य हो सके। जागरुकता के साथ-साथ लोगों में कानून का डर होना भी जरूरी है, ताकि वे अपने बच्चों की हत्या से पहले कई बार सोचें।
