Call us : +91 9798 4543 21
Send email : info@paalonaa.in
Editor's Corner
PaaLoNaa
  • Home
  • About Us
  • Gallery
    • Photo Gallery
    • Video Gallery
    • Art Gallery
    • The Artists
  • Media
    • PaaLoNaa In Media
    • Media On Infanticide
    • Related Stories
  • Events
    • Events 2020
    • Events 2019
    • Events 2018
    • Events 2017
    • Events 2016
  • The Support
  • Contact
  • Home
  • About Us
  • Gallery
    • Photo Gallery
    • Video Gallery
    • Art Gallery
    • The Artists
  • Media
    • PaaLoNaa In Media
    • Media On Infanticide
    • Related Stories
  • Events
    • Events 2020
    • Events 2019
    • Events 2018
    • Events 2017
    • Events 2016
  • The Support
  • Contact
Home    Infanticide

Latest News On Infanticide

नवजात शिशु को झाड़ियों में फेकने वाले हाथ किसके थे...

02 जून 2018
जमुई, बिहार (M)

वह बच्चा झाड़ियों में पड़ा था और लगातार रो रहा था, जब शौच करने जा रही कुछ महिलाओ ने उसके रोने की आवाज सुनी और उसके पास पहुंची। घटना शनिवार को जमुई के सोनो प्रखंड स्थित केशोफरका गांव में नउवा बगीचे के पास घटी। पत्रकार श्री प्रशांत किशोर और श्री अंजुम आलम ने पा-लो ना को बताया कि एक नवजात शिशु सड़क किनारे झाड़ियों में बिलख रहा था। पशु-पक्षियों के अलावा कीट पतंगे भी उसे नुकसान पहुंचा सकते थे। लेकिन ऊपर वाले ने बच्चे की तकदीर में शायद कुछ और ही लिखा था। इसीलिए अहले सुबह शौच के जा रही ग्रामीण महिलाओं ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। इन्हीं महिलाओं में केशोफरका गांव के बालमुकुंद पासवान की पत्नी माया देवी भी थी। बच्चे की आवाज सुन कर सभी महिलाएं वहाँ पहुँच कर देखने लगी। तब श्रीमती माया ने बच्चे को वहां से बाहर निकाल कर गोद में उठा लिया। बाद में बच्चे को इलाज हेतु झाझा के एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। अस्पताल से लाकर बच्चे को गांव के ही राजेश कुमार और उनकी पत्नी रीना देवी की गोद में डाल दिया गया। बताया जाता है कि इस दंपति के चार लड़कियां है, लेकिन पुत्र नहीं है। राजेश ने आश्वस्त किया है कि बच्चे के पालन-पोषण में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। हालांकि उनकी मंशा नेक है और बच्चे को एक सुरक्षित और स्वस्थ माहौल मिलने के पूरे आसार है, लेकिन मौजूदा कानून किसी को भी बच्चे को इस तरह अपने पास रखने की इजाजत नहीं देता। बच्चे को सबसे पहले अस्पताल ले जाने के बाद फिर पुलिस थाने और बाल कल्याण समिति और चाईल्ड लाईन को इसके बारे में सूचित किया जाना चाहिए। जमुई बाल कल्याण समिति को बच्चे के बारे मेें कोई जानकारी नहीं थी। इसलिए टीम पा-लो ना ने बच्चे की बेहतरी का ख्याल रखते हुए बाल कल्याण समिति के श्री अमय झा को घटना की जानकारी दे दी है। विश्वास है कि जल्द ही बच्चे को वहां से लाकर बेहतर मेडिकल केयर उपलब्ध करवाई जाएगी।

About Us

PaaLoNaa is a cause dedicated to those infants who have been shunned by their own parents. These infants are adandoned in deserted public places like railway lines, ponds, bushes, forests, barren lands for some or the other reasons, compulsions, fears or greed.

Explore PaaLoNaa

  • About Us
  • Photo Gallery
  • Video Gallery
  • Art Gallery
  • The Artists
  • PaaLoNaa In Media
  • Media On Infanticide
  • Related Stories
  • The Support

Important Links

State-wise data of Infant spottings
Our Members
The Victims
© 2017 PaaLoNaa: An initiative of Ashrayani Media Associates & Refined Look Magazine, Supported by Ashrayani Foundation against INFANTICIDE & ABANDONMENT of INFANTS. All rights reserved | Powered by Vestyx Technologies Private Limited